Shoulder Injury के बाद Doctor को कब दिखाना चाहिए?

Shoulder Injury के बाद Doctor को कब दिखाना चाहिए?

कंधा हमारे शरीर का सबसे ज्यादा movement वाला joint है। कोई भारी सामान उठाना, खेलते समय झटका लगना या सीढ़ियों पर फिसलकर गिर जाना, इन सबमें चोट अक्सर Shoulder पर ही आती है। ज्यादातर लोग ऐसी चोट के बाद दर्द की दवा ले लेते हैं या सिकाई कर लेते हैं और सोचते हैं कि कुछ दिनों में सब ठीक हो जाएगा।

कई बार ऐसा हो भी जाता है। लेकिन हर Shoulder Injury हल्की नहीं होती, और कुछ चोटें ऐसी होती हैं जिनमें देर करने से आपकी recovery लंबी खिंच सकती है। तो सवाल यह है कि कब घर पर इंतजार करना ठीक है, और Orthopedic Doctor से मिलना जरूरी हो जाता है?

इस blog में हम Dr. Lalit Modi (Director Orthopaedics, C.K. Birla Hospital, Jaipur) द्वारा अपने YouTube video में बताए गए उन 3 Warning Signs को आसान भाषा में समझेंगे, जिन्हें Shoulder Injury के बाद ignore नहीं करना चाहिए।

क्या हर Shoulder Injury के लिए Doctor को दिखाना जरूरी है?

नहीं, हर Shoulder Injury के लिए तुरंत Doctor के पास जाना जरूरी नहीं होता। मामूली खिंचाव या हल्की चोट कई बार आराम से ठीक हो जाती है। फिर भी कंधे की चोट को पूरी तरह ignore नहीं करना चाहिए, क्योंकि कुछ चोटें बाहर से छोटी दिखती हैं लेकिन अंदर का नुकसान ज्यादा हो सकता है।

असली बात यह समझना है कि कौन सी चोट इंतजार कर सकती है और कौन सी नहीं। नीचे बताई गई 3 situations ऐसी हैं जिनमें Doctor को दिखाना ही सही फैसला है।

Warning Sign 1: Significant Trauma, यानी गिरना या Accident

अगर आप गिर गए हैं या आपका accident हो गया है और उसके बाद कंधे में दर्द है, तो इंतजार न करें। ऐसे समय में Doctor को तुरंत दिखाना चाहिए, क्योंकि आपके केस में Fracture या कोई major injury हो सकती है।

ऐसी चोट में घर पर दवा लेकर देखते रहने से कीमती समय निकल जाता है। सही जांच से यह पता चलता है कि हड्डी या joint को कितना नुकसान हुआ है, ताकि treatment समय पर शुरू हो सके।

इन बातों पर खास ध्यान दें:

  • गिरने या accident के बाद कंधे में तेज दर्द
  • कंधे पर सूजन या कंधे का आकार बदला हुआ दिखना
  • हाथ हिलाने में बहुत ज्यादा तकलीफ

Warning Sign 2: Minor Injury जो ठीक ही नहीं हो रही

चोट मामूली लगी थी, पर वह ठीक होने का नाम नहीं ले रही, तो इसे हल्के में न लें। मान लीजिए आपने सात-आठ दिन दवा ली और फिर भी आराम नहीं आया। ऐसी स्थिति में आपको Doctor को दिखाना चाहिए।

कई बार इस तरह की चोट में Internal Injury होती है, जो धीरे-धीरे बढ़ रही होती है और खुद ठीक नहीं हो पाती। ऊपर से देखने पर चोट छोटी लगती है, इसलिए लोग इंतजार करते रहते हैं और समस्या अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है।

इन संकेतों को गंभीरता से लें:

  • सात-आठ दिन दवा लेने के बाद भी दर्द में आराम न मिलना
  • दर्द का बना रहना या धीरे-धीरे बढ़ना
  • रोजमर्रा के कामों में, जैसे ऊपर रखा सामान उठाने में, लगातार परेशानी होना

Warning Sign 3: झटका लगने के बाद “टक” की आवाज और हाथ का न उठना

यह तीसरा sign सबसे ज्यादा लोगों से छूट जाता है, क्योंकि इसमें चोट बहुत हल्की लगती है।

मान लीजिए आप कोई चीज उठा रहे थे और उठाते समय अचानक झटका लगा। कंधे में “टक” जैसी आवाज सुनाई दी। उस वक्त यह एक Minor Injury ही लगी। लेकिन उसके बाद आपका हाथ ऊपर नहीं उठ रहा।

Doctors के लिए यह एक Gross Indication है कि आपके कंधे की मांसपेशियां damage हो सकती हैं। चोट छोटी थी, पर हाथ का न उठना बता रहा है कि अंदर कुछ गंभीर हुआ है। इस हालत में Doctor को timely दिखा लेना चाहिए।

ये लक्षण दिखें तो देर न करें:

  • अचानक झटका लगना और कंधे में आवाज आना
  • उसके बाद हाथ ऊपर उठाने में परेशानी
  • कंधे में लगातार दर्द या कमजोरी महसूस होना

कंधे की मांसपेशी फट जाए तो सिर्फ Rest से काम क्यों नहीं चलता?

यह बात Dr. Lalit Modi खास तौर पर कहते हैं: अगर कंधे की मांसपेशियां फट गई हैं, तो उसका treatment सिर्फ Rest नहीं है। इसके लिए Doctor को दिखाकर सही treatment लेना जरूरी है।

कंधे में Rotator Cuff नाम की muscles और tendons का एक group होता है, जो हाथ को उठाने और घुमाने में मदद करता है। इसमें चोट लगने पर दर्द के साथ हाथ उठाने में कमजोरी या परेशानी आ सकती है। 

इसी तरह अगर चोट के बाद कंधा अपनी जगह से हटा हुआ महसूस हो, या कंधा बार-बार अपनी जगह से हट रहा हो, तो Dr. Lalit Modi से जांच करवाना बेहतर रहता है।

Shoulder Injury को Ignore या Delay करने से क्या होता है?

Dr. Modi बताते हैं कि कई patients उनके पास चोट के 6 महीने या 9 महीने बाद आते हैं। शुरुआत में वे चोट को ignore करते हैं, फिर आसपास जहां से भी medical सलाह मिलती है, उसे follow कर लेते हैं। जब आराम नहीं मिलता, तब जाकर Specialist Doctor को दिखाते हैं। MRI के बाद पता चलता है कि कंधे की मांसपेशी फट चुकी है और अब operation करवाना है।

यह 3 महीने, 6 महीने या 9 महीने का delay recovery पर असर डालता है। Dr. Modi के अनुसार ऐसी स्थिति में भी patient को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है, लेकिन उसका recovery time बढ़ जाता है।

यानी देर करने की कीमत आपकी recovery चुकाती है:

  • Recovery का समय लंबा हो सकता है
  • Timely treatment लेने पर बेहतर options और बेहतर result मिलने की संभावना ज्यादा रहती है

MRI या दूसरी Investigations की जरूरत कब पड़ती है?

कंधे की चोट में बाहर से देखकर यह पता नहीं चलता कि अंदर कितना नुकसान हुआ है। Doctor पहले आपकी चोट की history सुनते हैं और कंधे की जांच करते हैं, फिर जरूरत के हिसाब से X-ray या MRI जैसी जांच करवाते हैं।

आमतौर पर X-ray से हड्डी की स्थिति, जैसे Fracture, देखी जाती है, जबकि मांसपेशियों और tendons की चोट की पुष्टि के लिए MRI की जरूरत पड़ सकती है। Dr. Modi के पास आने वाले जिन patients की बात ऊपर हुई, उनमें भी MRI के बाद ही मांसपेशी के फटने की पुष्टि हुई थी।

कौन सी जांच जरूरी है, यह Doctor तय करते हैं। इसलिए खुद से जांच करवाने के बजाय पहले Orthopaedic Specialist से consult करना बेहतर है।

Shoulder Injury के Treatment के कौन से Options होते हैं?

Treatment पूरी तरह इस पर निर्भर करता है कि चोट किस तरह की है, कितनी पुरानी है और कंधे के किस हिस्से को नुकसान हुआ है। Fracture, मांसपेशी का फटना, कंधे का अपनी जगह से हटना, हर स्थिति का इलाज अलग होता है।

Jaipur Joints में Dr. Lalit Modi कंधे की कई समस्याओं का इलाज Shoulder Arthroscopy जैसी minimally invasive techniques से करते हैं। इनमें ये शामिल हैं:

जिन मामलों में चोट बहुत पुरानी हो गई हो या कंधे का joint बहुत ज्यादा खराब हो चुका हो, जैसे गंभीर Shoulder Arthritis या Rotator Cuff का बहुत ज्यादा damage, वहां Doctor Shoulder Replacement Surgery जैसा option भी सुझा सकते हैं। यह हर patient के लिए जरूरी नहीं होता और इसका फैसला जांच के बाद ही किया जाता है।

सबसे जरूरी बात यही है कि समय पर दिखाने से आपके पास ज्यादा बेहतर options होते हैं।

Quick Checklist: इन Situations को Ignore न करें

अगर नीचे दी गई बातों में से कोई भी आप पर लागू होती है, तो Orthopaedic Specialist से consult करने में देर न करें:

  • गिरने या Accident के बाद Significant Shoulder Trauma हुआ हो
  • Minor Injury के बाद भी दर्द या परेशानी ठीक न हो रही हो
  • अचानक झटका लगने के बाद Shoulder में आवाज आई हो
  • Injury के बाद हाथ उठाने में परेशानी हो रही हो
  • लगातार दर्द या weakness बनी हुई हो
  • कई दिनों या महीनों से समस्या बनी हुई हो और improvement न हो

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या हर Shoulder Injury के लिए Doctor को दिखाना जरूरी है?

नहीं। हल्की चोट कई बार आराम से ठीक हो जाती है। लेकिन गिरने या accident जैसी बड़ी चोट, ठीक न होने वाली Minor Injury, और झटके के बाद हाथ का न उठना, इन situations में Doctor को जरूर दिखाना चाहिए।

चोट के कितने दिन बाद तक दवा लेकर इंतजार करना चाहिए?

Dr. Modi के अनुसार अगर आपने सात-आठ दिन दवा ली और फिर भी आराम नहीं आया, तो Doctor को दिखाना चाहिए। कई बार अंदर की चोट धीरे-धीरे बढ़ रही होती है।

झटका लगने के बाद “टक” की आवाज आए और हाथ न उठे तो क्या करें?

यह कंधे की मांसपेशियों के damage का Gross Indication हो सकता है। ऐसी स्थिति में देर किए बिना Orthopaedic Doctor से जांच करवाएं।

क्या कंधे की मांसपेशी फटने पर सिर्फ Rest से ठीक हो सकता है?

Dr. Modi के अनुसार अगर मांसपेशियां फट गई हैं, तो उसका treatment Rest नहीं है। इसके लिए Doctor को दिखाकर treatment लेना जरूरी है।

Shoulder Injury में देर करने से क्या नुकसान होता है?

देर करने से recovery time बढ़ सकता है। Dr. Modi बताते हैं कि समय पर treatment लेने से बेहतर options और बेहतर result मिलने की संभावना ज्यादा रहती है।

MRI कब करवाना चाहिए?

कौन सी जांच करवानी है, यह Doctor आपकी चोट और examination के आधार पर तय करते हैं। मांसपेशी या tendon की चोट की पुष्टि के लिए MRI की जरूरत पड़ सकती है।

Dr. Lalit Modi से Consultation कैसे लें?

Dr. Lalit Modi (MBBS, MS, DNB, MNAMS, Gold Medalist) C.K. Birla Hospital, Jaipur में Director Orthopedic & Robotic Joint Replacement and Arthroscopy Surgeon हैं। अगर आपको Shoulder Injury के बाद लगातार दर्द, weakness या हाथ उठाने में परेशानी हो रही है, तो Dr. Lalit Modi – Orthopaedic Specialist से consult करें।

Disclaimer: यह blog post हमारे YouTube channel पर उपलब्ध एक video पर आधारित है।

पूरा Video देखें: